राजस्थान की रीत, कर्नाटक में प्रीत: दीपों की रोशनी, पकवानों की मिठास और संस्कारों से घर-आंगन में आज भी महक रही राजस्थान की माटी | Rajasthani Families Diwali Karnataka

लंबे समय से कर्नाटक में रह रहे राजस्थानी परिवारों के लिए यहां की संस्कृति भी जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुकी है। स्थानीय त्योहारों, खानपान और सामाजिक परंपराओं के बीच उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। उनकी सांस्कृतिक दुनिया अब राजस्थान और कर्नाटक, दोनों की परंपराओं से मिलकर बनी है। दीपावली पर घरों में जलते दीपक, पूजा की थाली, पारंपरिक मिठाइयां और अपनों के साथ खुशियां बांटने का उत्साह इस बात का प्रतीक है कि दूरी से अपनी जड़ों का रिश्ता कमजोर नहीं होता। समय के साथ त्योहारों का अंदाज बदल सकता है, लेकिन परिवार का साथ, परंपराओं के प्रति सम्मान और खुशियां बांटने की भावना आज भी कायम है। यही वजह है कि कर्नाटक में बसे इन परिवारों के घर-आंगन में दीपावली के साथ राजस्थान की माटी की खुशबू भी महकती है।





