Ahoi Ashtami : संतान के संकट टाल सकता है यह व्रत, पूजा के साथ मां को करने होते हैं त्याग | Ahoi Ashtami Puja Can Avert Crises For Children

Ahoi ashtami : कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का संतान सुख के लिहाज से बड़ा महत्व है। इस दिन माताएं, अपनी संतान के स्वास्थ्य सुख और खुशहाल जीवन की कामना से व्रत करती हैं। इसे अहोई अष्टमी व्रत कहा जाता है। दिनभर निर्जला रहकर माताएं अहोई माता की पूजा करती हैं और चंद्रमा अथवा तारों को अर्घ्य देकर पारण करती हैं। कहा जाता है कि अहोई अष्टमी के व्रत के प्रभाव से संतान के सभी संकट टल सकते हैं। कार्तिक कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि इस बार दो दिन 1 और 2 नवंबर को पड़ रही है। ऐसे में अहोई अष्टमी व्रत किस दिन रखें, इसपर भ्रम है। धर्माचार्यों और ज्योतिषाचार्यों ने शास्त्रोक्त विधि से इसका हल सुझाया है। उनके अनुसार 1 नवंबर को ही अहोई अष्टमी व्रत रखा जाना उचित होगा।





