1 या 2 नवंबर, कब रखें अहोई अष्टमी व्रत, ज्योतिषाचार्य और धर्माचार्यों ने बताई सही तारीख | Significance Of Ahoi Ashtami Puja

अहोई अष्टमी व्रत मातृत्व शक्ति, संतान की सुरक्षा और कर्मफल से मुक्ति का प्रतीक माना गया है। यह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मां के निश्चल प्रेम और संतान के सुख के लिए मनाया जाने वाला दिव्य पर्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर अहोई माता की पूजा करने से उनकी कृपा से संतान संबंधी सभी सुख प्राप्त होते हैं, उनके कष्ट दूर हो जाते हैं। व्रत के दिन साहूकार की बहू की कथा सुनी जाती है।





